जरा इधर आ’’ मोहित की दादी ने उसे पुकारा। दादी की आवाज सुनकर मोहित दौड़ कर उनके पास गया। ‘‘हां दादी जी क्या बात है?’’ दादी ने कहा – ‘‘अरे मेरा चश्मा नहीं मिल रहा जरा ढूंढ दे’’ यह सुनकर मोहित बोला – ‘‘दादी चश्मे का क्या करोंगी।’’ दादी ने अपना फटा हआ ब्लाउज दिखाते हुए कहा – ‘‘बेटा यह देख कितना फट गया है। इसे सिलना है। बिना चश्मे के दिख नहीं रह...Читать больше