उसकी नजर एक बच्चे पर पड़ी जिसकी उपस्थिति से एक असाधारण ऊर्जा का संचार हो रहा था, जिससे उसके होठों से हार्दिक "वाह" निकल रहा था। उसने खुद को एक परिचित मंदिर के सामने खड़ा पाया, उसे आश्चर्य हुआ, असाधारण जिस बच्चे की उसने अभी-अभी प्रशंसा की थी, वह अब एक कष्टकारी मानसिक स्थिति की चपेट में दिखाई दे रहा है, उसका व्यवहार पहले के क्षणों से बिल्कुल अलग ह...Read more